छह साल से बंद पड़े हॉल की मरम्मत स्थानीय निधि से हुई। बच्चों के लिए शौचालय, रसोई और खेल कोना बना है। दो स्थानीय महिलाओं को सहायिका और रसोइया रखा गया है।
पंजीकरण कार्य-दिवसों में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक खुला है।
यह एक डेमो ख़बर है: इसमें आए सभी नाम, स्थान, संस्थाएँ और आँकड़े काल्पनिक हैं।








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